केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक एम्स में मेडिकल की पढ़ाई के लिए हिंदी में प्रकाशित पुस्तक खरीदी जाएगी साथ ही मेडिकल रिसर्च कार्य, पत्रों के जवाब तथा दैनिक कामकाज भी हिंदी में करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
नई दिल्ली. 30 अक्टूबर. अब देश के बड़े मेडिकल संस्थान एम्स और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में हिंदी में कामकाज को बढ़ावा दिया जाएगा। ताजा खबर के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी डॉक्टर दवाओं के पर्चे हिंदी में लिखें। जिससे कि सभी मरीजों और उनके परिजनों को डॉक्टर के लिखे गए इलाज को पढ़ने, समझने और लागू करने में आसानी रहे।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक एम्स में मेडिकल की पढ़ाई के लिए हिंदी में प्रकाशित पुस्तक खरीदी जाएगी। साथ ही मेडिकल रिसर्च कार्य, पत्रों के जवाब तथा दैनिक कामकाज भी हिंदी में करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। हालांकि यह भी कहा गया है कि फिलहाल यह व्यवस्था वैकल्पिक रहेगी। अधिकांश शब्द इंग्लिश में इस्तेमाल करें तो ठीक रहेगा, ऐसा इसलिए क्योंकि यदि पूर्ण रूप से हिंदी में पढ़ाई करने की बाध्यता लगाई जाएगी तो ऐसे छात्र-छात्राएं जो केवल अंग्रेजी में ही पढ़ाई कर सकते हैं, उन्हें परेशानी होगी इसलिए दबाव नहीं बनाया जाएगा। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मेडिकल की पढ़ाई हिंदी में बहुत पहले शुरू हो चुकी है,लेकिन उसका कुछ खास प्रतिसाद नहीं मिला।
Published at : 30 Oct 2025, 09:43 am (IST)