बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 सोमवार दोपहर देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना, पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून के खिलाफ दर्ज मानवता के विरुद्ध अपराधों के मामलों पर फैसला सुनाएगा।
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Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
ढाका, 17 नवंबर। बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण-1 सोमवार दोपहर देश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना, पूर्व गृहमंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल-मामून के खिलाफ दर्ज मानवता के विरुद्ध अपराधों के मामलों पर फैसला सुनाएगा। इनके ऊपर लगाए गए आरोप जुलाई-अगस्त 2024 में भेदभाव-विरोधी छात्र आंदोलन दौरान फैली अशांति से जुड़े हैं। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, औपचारिक आरोप-पत्र 8,747 पृष्ठों के हैं।
-भड़काऊ भाषण, समन्वित हमले और कार्रवाई में विफलता। अभियोजकों का कहना है कि शेख हसीना ने 14 जुलाई, 2024 को गणभवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भड़काऊ टिप्पणियां कीं।
-इसके बाद कानून प्रवर्तन कर्मियों और सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर छात्रों और नागरिकों पर सुनियोजित हमले किए।
-न्यायाधिकरण इस पर बहस हुई कि क्या हसीना, कमाल और मामून ने इन हमलों को उकसाया। समर्थन किया या अनुमति दी। क्या वे दमन के दौरान की गई हत्या, हत्या के प्रयास और यातना को रोकने या दंडित करने में विफल रहे।
-हसीना पर घातक बल प्रयोग के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन के अलावा गोला-बारूद का इस्तेमाल का आदेश देने का भी आरोप है।
-कमाल और मामून पर इन आदेशों को लागू करने का आरोप है।अभियोजकों ने कहा कि यह आदेश उकसावे और साजिश के माध्यम से मानवता के विरुद्ध अपराध के बराबर है।
-तीनों पर 16 जुलाई, 2024 को बेगम रोकेया विश्वविद्यालय के सामने अबू सईद की गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि शीर्ष राजनीतिक निर्देशों के बाद यह हत्या की गई।
-पांच अगस्त, 2024 को ढाका के चंखरपुल इलाके में कानून प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान छह छात्रों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तीनों पर इस हत्याकांड का आरोप है।
-पांच अगस्त, 2024 को ही अशुलिया में छह लोगों को गोली मार दी गई थी। पांच शवों को जला दिया गया। छठा व्यक्ति जो घायल था, उसे भी कथित तौर पर उनके साथ जला दिया गया। इस हत्याकांड में यह तीनों आरोपी बनाए गए हैं।
मुख्य अभियोजक मोहम्मद ताजुल इस्लाम कहते हैं कि सबूत हिमालय जितने मजबूत हैं। बचाव पक्ष के वकील मोहम्मद आमिर हुसैन आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताते हैं।
Published at : 17 Nov 2025, 11:01 am (IST)
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