होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाजों पर फायरिंग की घटना के बाद तनाव बढ़ गया है। ईरानी सरकार और IRGC के बीच मतभेद के संकेत, भारत ने राजदूत को तलब कर जताई चिंता।
Updated at : 02 Jul 2026, 05:29 pm (IST)
होर्मुज स्ट्रेट एक बार फिर वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है। शनिवार को इस अहम समुद्री मार्ग से गुजर रहे दो भारतीय जहाजों पर गोलीबारी की घटना सामने आई, हालांकि गनीमत रही कि इस हमले में कोई नुकसान नहीं हुआ।
इस घटना ने न केवल समुद्री सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ईरान की सरकार और उसकी ताकतवर सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के बीच संभावित मतभेद को भी उजागर कर दिया है। घटना के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के राजदूत मोहम्मद फताअली को तलब किया और इस पर अपनी गंभीर चिंता जताई।
विदेश सचिव ने साफ कहा कि व्यापारिक जहाजों और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जानकारी के मुताबिक, यह फायरिंग उस समय हुई जब यह स्पष्ट नहीं था कि होर्मुज स्ट्रेट खुला है या बंद। एक ओर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जलमार्ग को खोलने का ऐलान किया था, वहीं जमीनी स्तर पर स्थिति अलग नजर आई।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि होर्मुज स्ट्रेट पर वास्तविक नियंत्रण अभी भी IRGC के हाथों में है, जो सरकार के फैसलों से पूरी तरह सहमत नहीं है। इस बीच, भारतीय जहाजों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। जहां एक ओर ‘देश गरिमा’ नामक टैंकर इस मार्ग को सफलतापूर्वक पार करने में कामयाब रहा, वहीं कई अन्य जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा या वापस लौटना पड़ा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक सुपरटैंकर समेत दो भारतीय जहाजों को गोलीबारी के बाद पीछे हटना पड़ा। इसके अलावा कुछ अन्य जहाजों ने भी सुरक्षा कारणों से अपना रूट बदल लिया। गौरतलब है कि हाल के हफ्तों में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट कई बार बंद और खुल चुका है,जिससे वैश्विक तेल सप्लाई और कीमतों पर भी असर पड़ा है। फिलहाल स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और दुनिया की नजरें इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर टिकी हुई हैं।
Published at : 19 Apr 2026, 10:01 am (IST)
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