हैदराबाद में एक सब-इंस्पेक्टर ने अपनी 6 साल की पोती को सार्वजनिक सड़क पर कार चलाने दी। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने BNS और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर।
By : Admin User | Updated at : 13 Jul 2026, 05:13 pm (IST)
तेलंगाना के हैदराबाद से सटे नरसिंगी इलाके में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस अधिकारी ने अपनी करीब साढ़े छह साल की पोती को सार्वजनिक सड़क पर कार चलाने की अनुमति दे दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई, जिसके बाद पुलिस ने अपने ही अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
वीडियो में बच्ची कार चलाती हुई दिखाई देती है, जबकि उसके दादा, जो एक सब-इंस्पेक्टर बताए जा रहे हैं, बगल वाली सीट पर बैठे नजर आते हैं। सड़क पर मौजूद कई लोगों ने इस दौरान उनका विरोध किया और सवाल उठाया कि कानून का पालन कराने वाला अधिकारी खुद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कैसे कर सकता है। मामला सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने तत्काल संज्ञान लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी सब-इंस्पेक्टर पुजारी तिरुपति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 180 एवं 184 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
घटना को गंभीरता से लेते हुए तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने साइबराबाद पुलिस कमिश्नर को संबंधित अधिकारी को सस्पेंड करने और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी भी अधिकारी को छूट नहीं दी जाएगी। वायरल वीडियो में बच्ची यह कहते हुए भी सुनाई देती है कि उसके दादा पुलिस अधिकारी हैं। वहीं, सब-इंस्पेक्टर ने सफाई देते हुए कहा कि कार ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन वाली थी और वाहन पूरी तरह उनके नियंत्रण में था।
हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। उनका कहना था कि चाहे कार ऑटोमैटिक हो या मैनुअल, एक नाबालिग को सार्वजनिक सड़क पर वाहन चलाने देना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि दूसरों की जान को भी खतरे में डाल सकता है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की कड़ी आलोचना की। कई यूजर्स ने कहा कि अगर आम नागरिक ऐसा करता तो तुरंत कार्रवाई होती, इसलिए कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
इसी बीच साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी दी कि वीकेंड पर चलाए गए एंटी ड्रंक एंड ड्राइव अभियान में 354 वाहन चालकों को शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में पकड़ा गया। इनमें दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहन चालक शामिल हैं। सभी आरोपियों को नियमानुसार अदालत में पेश किया जाएगा। यह मामला एक बार फिर इस बात की याद दिलाता है कि सड़क सुरक्षा नियम सभी के लिए समान हैं। चाहे कोई आम नागरिक हो या पुलिस अधिकारी, सार्वजनिक सड़क पर नाबालिग से वाहन चलवाना कानूनन अपराध है और ऐसी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
Published at : 13 Jul 2026, 05:12 pm (IST)