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होम / अंतरराष्ट्रीय / अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा : US ने 4 ड्रोन मार गिराए, जवाब में तेहरान ने US एयरबेस को बनाया निशाना
अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा : US ने 4 ड्रोन मार गिराए, जवाब में तेहरान ने US एयरबेस को बनाया निशाना
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बढ़ा तनाव, अमेरिका ने इसे ‘रक्षात्मक कार्रवाई’ बताया; ईरान ने अमेरिकी बेस पर जवाबी हमले का दावा किया

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के 4 ड्रोन मार गिराए और बंदर अब्बास स्थित सैन्य ठिकाने पर हमला किया। जवाब में ईरान ने अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया है।

 अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ा : US ने 4 ड्रोन मार गिराए, जवाब में तेहरान ने US एयरबेस को बनाया निशाना

Updated at : 02 Jul 2026, 05:30 pm (IST)

Source : Rashtriya Samachar

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने बुधवार को ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए 4 ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। साथ ही अमेरिका ने उस सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाया, जहां से पांचवें ड्रोन को लॉन्च करने की तैयारी चल रही थी।

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास बढ़ती सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई। अमेरिका का कहना है कि ये ड्रोन उसके सैनिकों और व्यापारी जहाजों के लिए खतरा बन रहे थे।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी शहर बंदर अब्बास में स्थित एक ग्राउंड कंट्रोल सेंटर पर हमला किया। यह वही जगह बताई जा रही है जहां से ड्रोन ऑपरेशन संचालित किए जा रहे थे। ईरानी मीडिया के मुताबिक गुरुवार तड़के बंदर अब्बास के पूर्वी इलाके में कम से कम तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनाई दी। इसके बाद ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम कई मिनट तक सक्रिय रहा।

अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि यह पूरी कार्रवाई “रक्षात्मक” थी और इसका मकसद क्षेत्र में जारी युद्धविराम को बनाए रखना था। अमेरिकी हमले के कुछ घंटों बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है। तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से कहा गया कि ईरान ने अपने दक्षिणी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के जवाब में यह हमला किया। हालांकि अभी तक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान अब “कमजोर स्थिति” में बातचीत कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच जल्द कोई समझौता हो सकता है। ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार और तेहरान के बीच पिछले कुछ दिनों में बातचीत को लेकर “अच्छी प्रगति” हुई है, लेकिन अभी कई मुद्दों पर अंतिम सहमति बनना बाकी है। उन्होंने यह भी साफ किया कि नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव उनकी ईरान नीति को प्रभावित नहीं करेंगे।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यहां से दुनिया के बड़े हिस्से में तेल की सप्लाई होती है। अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो वैश्विक तेल बाजार और ईंधन की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव नजदीक आने के बीच रिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी इस मुद्दे को लेकर चिंता बढ़ रही है। बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों को लेकर जनता में नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ आलोचकों का कहना है कि ईरान पर लगातार दबाव भविष्य में और बड़े संघर्ष की वजह बन सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दोनों देशों के बीच बातचीत सफल नहीं हुई तो मध्य पूर्व में हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर होर्मुज जलडमरूमध्य और अमेरिका-ईरान संबंधों पर टिकी हुई है।