छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और आपराधिक धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद वर्ष 2023 में देश के कई नामी पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था
By : Admin User | Updated at : 03 Aug 2026, 01:46 pm (IST)
महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन शोषण के चर्चित मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने के लिए पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाया।
इसी मामले में अदालत ने WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को भी सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। कोर्ट के अनुसार, गवाहों के बयानों में कई महत्वपूर्ण विरोधाभास पाए गए, जिससे अभियोजन पक्ष का मामला कमजोर हो गया।
गौरतलब है कि इस मामले में छह महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न, पीछा करने (स्टॉकिंग) और आपराधिक धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद वर्ष 2023 में देश के कई नामी पहलवानों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय तक विरोध प्रदर्शन किया था, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक राजनीतिक और सामाजिक चर्चा को जन्म दिया।
बृजभूषण शरण सिंह को 20 जुलाई 2023 को नियमित जमानत मिली थी। इसके बाद 10 मई 2024 को अदालत ने दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के आधार पर उनके खिलाफ आरोप तय किए थे और मुकदमे की सुनवाई शुरू हुई थी। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अब अदालत ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
फैसले के बाद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उन्होंने शुरुआत से ही खुद को निर्दोष बताया था और अब अदालत के फैसले ने उनके पक्ष की पुष्टि कर दी है। वहीं, उनके वकील ने कहा कि वे अदालत के विस्तृत आदेश का इंतजार कर रहे हैं। उनके अनुसार, शिकायतकर्ताओं के बयानों में कई विसंगतियां और विरोधाभास थे, जिन्हें अदालत ने भी अपने निर्णय में महत्व दिया। विस्तृत आदेश जारी होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर स्थिति और स्पष्ट होगी।
Published at : 03 Aug 2026, 01:46 pm (IST)