भगवान शिव का जलाभिषेक कर सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। पूरे देश में शिवभक्ति और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
By : Admin User | Updated at : 03 Aug 2026, 10:13 am (IST)
सावन मास के पहले सोमवार पर पूरे देश में भगवान शिव की भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। गुजरात के अरब सागर तट पर स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग सोमनाथ मंदिर से लेकर उत्तर प्रदेश के काशी विश्वनाथ धाम, मध्य प्रदेश के महाकालेश्वर मंदिर, झारखंड के बाबा बैद्यनाथ धाम और ओडिशा के लोकनाथ मंदिर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी हुई हैं। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही भक्त भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए मंदिरों में पहुंच रहे हैं।
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में पारंपरिक मंगला आरती के साथ सावन के पहले सोमवार की शुरुआत हुई, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वेश्वर के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। वहीं उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में विशेष अभिषेक और भस्म आरती के दौरान शिवभक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। ओडिशा के पुरी स्थित लोकनाथ मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की।
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में भी आस्था का विशाल सैलाब उमड़ा है। प्रशासन के अनुसार सावन के पहले सोमवार पर यहां 2 से 3 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। भक्त पवित्र गंगाजल अर्पित कर 'बोल बम' और 'हर-हर महादेव' के जयघोष के साथ भगवान शिव की आराधना कर रहे हैं।
सनातन परंपरा में सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी पावन मास में माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसलिए सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से शिव पूजा, रुद्राभिषेक और व्रत करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। सावन के पहले सोमवार पर देशभर के शिवालय 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंज उठे और पूरा वातावरण शिवमय हो गया।
Published at : 03 Aug 2026, 10:13 am (IST)