मद्रास हाई कोर्ट ने सुझाव दिया है कि केंद्र सरकार ऑस्ट्रेलियाई सरकार की ओर से पास किए गए कानून जैसा कानून बनाने की संभावना तलाश सकती है, जो 16 साल से कम उम्र के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाता है.
Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
नई दिल्ली. मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने पर विचार करने को कहा है। दरअसल, हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने कानून बनाकर 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया यूज पर बैन लगाया है। मद्रास हाई कोर्ट ने सुझाव दिया है कि केंद्र सरकार ऑस्ट्रेलियाई सरकार की ओर से पास किए गए कानून जैसा कानून बनाने की संभावना तलाश सकती है, जो 16 साल से कम उम्र के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगाता है.
टीओआई के मुताबिक, मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस जी जयचंद्रन और जस्टिस के. के. रामकृष्णन की डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी एक पीआईएल पर आदेश देते वक्त की। पीआईएल में इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISP) को पैरेंटल विंडो सर्विस देने का निर्देश देने की मांग की गई थी, क्योंकि पोर्नोग्राफिक कंटेंट छोटे बच्चों के लिए उपलब्ध और एक्सेसिबल है। कोर्ट ने माना है कि इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले बच्चों के लिए खतरा अधिक है. जजों ने कहा कि माता-पिता की जिम्मेदारी अधिक है।
यह पूरा मामला एक जनहित याचिका (PIL) से शुरू हुआ था, जिसे मदुरै जिले के एस. विजयकुमार ने साल 2018 में दाखिल किया था। याचिका में मांग की गई थी कि इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISP) को ‘पैरेंटल कंट्रोल’ या ‘पैरेंटल विंडो’ जैसी सुविधा देनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि सामग्री तक पहुंच व्यक्ति का अधिकार हो सकता है, लेकिन बच्चों के मामले में समाज और सरकार की जिम्मेदारी ज्यादा बन जाती है। आयोगों को अपनी वैधानिक ड्यूटी निभानी चाहिए और बच्चों तक संदेश पहुंचाने के लिए हर संभव तरीका अपनाना चाहिए।.
Published at : 26 Dec 2025, 03:35 pm (IST)
Tags : #nationalnews / #court, Supreme court / #supremecourt #order #desicion / pregnantsonali sonali CalcuttaHighCourt Bangladeshicitizen