सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को आवारा कुत्तों के मामले पर सुनवाई के दौरान डॉग लवर्स को जमकर फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने डॉग लवर्स सवाल किया कि क्या आपकी भावनाएं केवल कुत्तों के लिए हैं, इंसानों के लिए नहीं?
आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि कुत्तों के काटने, किसी बच्चे या बुजुर्ग की मौत या चोट लगने पर, राज्य को भारी मुआवजा देना होगा। कुत्तों को लेकर जवाबदेही तय होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट अब 20 जनवरी 2026 को मामले की सुनवाई करेगी।
एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने आवारा कुत्तों के मुद्दे को एक भावनात्मक मामला बताया तो बेंच ने उनसे कहा कि अब तक भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिख रही हैं।
शीर्ष अदालत ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि वे कुत्तों को खाना खिलाते हैं, उन्हें भी जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा करो उन कुत्तों को अपने घर ले जाओ। उन्होंने सवाल किया कि कुत्ते इधर-उधर गंदगी क्यों फैला रहे हैं, लोगों को क्यों काट रहे हैं, डरा रहे हैं?
सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया कि क्या अदालत को आंखें मूंद लेनी चाहिए? इन मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है? इस पर गुरुस्वामी ने जवाब दिया- मैं इंसानों के बारे में भी उतनी ही चिंतित हूं।