क्राइम ब्रांच और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 7,750 लीटर पेट्रोल, 4,000 लीटर डीजल, 1,150 लीटर मिश्रित पेट्रोल और करीब 3,200 लीटर साल्वेंट बरामद किया गया।
By : Admin User | Updated at : 13 Jul 2026, 11:25 am (IST)
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में क्राइम ब्रांच ने 'ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड' के तहत पेट्रोल-डीजल चोरी और मिलावट के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। मलिहाबाद क्षेत्र के संन्यासी बाग फ्लाईओवर के पास की गई छापेमारी में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक टैंकर चालक भी शामिल है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी एचपीसीएल के अमौसी टर्मिनल से निकलने वाले पेट्रोल और डीजल से भरे टैंकरों से रास्ते में ही ईंधन चोरी कर लेते थे। इसके बाद चोरी किए गए ईंधन में अवैध रूप से तैयार किया गया साल्वेंट मिलाकर उसे मिलावटी पेट्रोल-डीजल के रूप में बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल कुमार, अभिषेक राजपूत, धीरज सिंह और टैंकर चालक रामतीर्थ के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि टैंकर चालक चोरी किया गया ईंधन अनिल कुमार को लगभग 75 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचता था, जिसके बाद उसमें साल्वेंट मिलाकर अधिक कीमत पर बाजार में सप्लाई की जाती थी।
क्राइम ब्रांच और आबकारी विभाग की संयुक्त कार्रवाई में 7,750 लीटर पेट्रोल, 4,000 लीटर डीजल, 1,150 लीटर मिश्रित पेट्रोल और करीब 3,200 लीटर साल्वेंट बरामद किया गया। इसके अलावा टैंकर के पाइप, चैम्बर से लगभग 250 लीटर चोरी का ईंधन, मास्टर चाबी, डिप रॉड और प्लास्टिक पाइप जैसे उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ समय से वाहनों में आ रही तकनीकी समस्याओं की शिकायतों के बाद इस पूरे नेटवर्क पर निगरानी रखी जा रही थी। प्रारंभिक जांच में ईंधन में अवैध मिलावट की पुष्टि हुई है।
क्राइम ब्रांच अब आरोपियों से पूछताछ कर इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों, संभावित सप्लाई नेटवर्क और उन पेट्रोल पंपों की पहचान करने में जुटी है, जहां कथित रूप से मिलावटी ईंधन की आपूर्ति की जा रही थी। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
Published at : 13 Jul 2026, 11:25 am (IST)