राम मंदिर चढ़ावा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। अदालत ने SIT से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। जानिए सुनवाई में क्या हुआ और याचिकाओं में क्या मांग की गई है।
By : Admin User | Updated at : 13 Jul 2026, 04:51 pm (IST)
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितता और चोरी के आरोपों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को इस मामले पर हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) से जांच की प्रगति रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की है। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे ।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि वह उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश हो रहे हैं। इस पर कोर्ट ने पूछा कि क्या वह केंद्र सरकार की ओर से भी नोटिस स्वीकार करेंगे। सॉलिसिटर जनरल ने सहमति जताई, लेकिन अदालत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल केवल श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को ही नोटिस जारी किया जा रहा है। केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को अलग से नोटिस जारी नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT अपनी जांच की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट अदालत में पेश करे। अदालत ने कहा कि अगली सुनवाई के दौरान जांच की प्रगति और SIT के गठन से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में कुल चार याचिकाएं दायर की गई हैं। इनमें कुछ याचिकाओं में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है, जबकि अन्य याचिकाओं में ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का ऑडिट, दान का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने और फॉरेंसिक जांच कराने की मांग उठाई गई है।
एक याचिका अधिवक्ता अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने दायर की है, जिसमें CBI की अगुवाई में SIT जांच, रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है। वहीं अधिवक्ता अनूप अवस्थी ने कोर्ट की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग की है।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह ने अपनी याचिका में वर्ष 2020 से अब तक मिले चढ़ावे और ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन का पूरा ऑडिट कराने की मांग की है। इसके अलावा अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने फॉरेंसिक ऑडिट, CCTV फुटेज और अन्य रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के साथ ट्रस्ट की कार्यप्रणाली की पारदर्शिता की जांच की मांग की है।
इस बीच, चढ़ावा मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव भी हुआ है। ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के पद छोड़ने के बाद कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का संचालन वही करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी। तब तक SIT को अपनी स्टेटस रिपोर्ट अदालत में सौंपनी होगी। इसके बाद अदालत तय करेगी कि जांच की दिशा क्या होगी और याचिकाओं में उठाई गई मांगों पर आगे क्या आदेश दिए जाएंगे।