मुंबई में ‘बॉस स्कैम’ का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने कंपनी के डायरेक्टर की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर सीनियर कर्मचारी से व्हाट्सऐप पर संपर्क किया और 1.98 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से 1.83 करोड़ रुपये सुरक्षित बचा लिए गए।
By : Admin User | Updated at : 09 Aug 2026, 02:24 pm (IST)
मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां ठगों ने कंपनी के डायरेक्टर की फोटो और नाम का इस्तेमाल कर एक कर्मचारी को अपना शिकार बना लिया। खुद को कंपनी का वरिष्ठ अधिकारी बताकर ठगों ने व्हाट्सऐप के जरिए कर्मचारी को तत्काल भुगतान करने का निर्देश दिया। कर्मचारी ने भरोसा करते हुए बताए गए बैंक खाते में 1.98 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए।
घटना 6 अगस्त 2026 की बताई जा रही है। पीड़ित एक निजी कंपनी में जनरल मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उसे एक नए मोबाइल नंबर से व्हाट्सऐप संदेश मिला था। प्रोफाइल पर कंपनी के डायरेक्टर का नाम और तस्वीर लगी होने के कारण कर्मचारी को लगा कि संदेश वास्तव में उसके वरिष्ठ अधिकारी की ओर से ही आया है।
तुरंत भुगतान के नाम पर कराई रकम ट्रांसफर
ठगों ने कर्मचारी को जरूरी भुगतान का हवाला देते हुए जल्द से जल्द 1.98 करोड़ रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए कहा। कर्मचारी ने बिना अतिरिक्त पुष्टि किए निर्देश का पालन कर दिया।कुछ समय बाद जब कर्मचारी ने कंपनी के वास्तविक डायरेक्टर के मोबाइल नंबर पर भुगतान की जानकारी दी, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने ऐसा कोई निर्देश नहीं दिया था।इसके बाद कर्मचारी ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया।
1.83 करोड़ रुपये पुलिस ने बचाए
मामले की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने 1930 साइबर हेल्पलाइन और मुंबई साइबर पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने तेजी से ट्रांजैक्शन को ट्रैक किया और करीब 1,83,03,492 रुपये सुरक्षित बचा लिए।यानी पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते ठगी गई कुल रकम का लगभग 92 फीसदी हिस्सा सुरक्षित कर लिया गया। मुंबई पुलिस ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी की फोटो और नाम देखकर व्हाट्सऐप या दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिलने वाले भुगतान संबंधी निर्देशों पर तुरंत भरोसा न करें। अगर किसी नए नंबर से अचानक पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाया जाता है, तो पहले अधिकारी के पुराने या आधिकारिक नंबर पर कॉल करके इसकी पुष्टि करें।
पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि केवल प्रोफाइल फोटो या नाम देखकर किसी बैंक खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर न करें। साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत 1930 पर संपर्क करना चाहिए। शुरुआती कार्रवाई होने पर ठगी की रकम को रोकने या वापस सुरक्षित कराने की संभावना बढ़ जाती है।
Published at : 09 Aug 2026, 02:24 pm (IST)