बैठक में यह भी सामने आया कि अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।वहीं, सरकार ने पिछले महीने संसद में स्पष्ट किया था कि दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। दूध की कीमतें बाजार की परिस्थितियों के आधार पर सहकारी समितियों और निजी डेयरियों द्वारा तय की जाती रहेंगी।
By : Admin User | Updated at : 09 Aug 2026, 10:38 am (IST)
महाराष्ट्र में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। नए रेट 11 अगस्त 2026 से लागू होंगे। इसके बाद गाय के दूध की कीमत 60 रुपये से बढ़कर 62 रुपये प्रति लीटर, जबकि भैंस के दूध की कीमत 76 रुपये से बढ़कर 78 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी।
डेयरी संचालकों के मुताबिक, दूध के परिवहन की लागत बढ़ने के साथ किसानों से दूध इकट्ठा करने में भी खर्च बढ़ गया है। बढ़ती लागत को देखते हुए दूध की कीमतों में बढ़ोतरी जरूरी हो गई थी। बैठक में यह भी सामने आया कि अन्य डेयरी उत्पादों की कीमतों में 10 फीसदी तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
वहीं, सरकार ने पिछले महीने संसद में स्पष्ट किया था कि दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। दूध की कीमतें बाजार की परिस्थितियों के आधार पर सहकारी समितियों और निजी डेयरियों द्वारा तय की जाती रहेंगी।
सरकार के अनुसार, दूध उत्पादकों को संगठित क्षेत्र से जोड़ने के लिए मार्च 2026 तक ग्राम स्तर पर 36,283 नई डेयरी सहकारी समितियां स्थापित की गई हैं, जबकि 31,150 समितियों को मजबूत किया गया है। इसके अलावा प्रतिदिन 418 लाख लीटर दूध के प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की क्षमता वाली परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई है।
भारत में दूध उत्पादन में भी पिछले एक दशक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024-25 में देश का दूध उत्पादन 248 मिलियन मीट्रिक टन रहा, जबकि 2014-15 में यह 146 मिलियन मीट्रिक टन था। सरकार ने इस वृद्धि का श्रेय नस्ल विकास, आनुवंशिक सुधार, मुफ्त कृत्रिम गर्भाधान, लिंग-आधारित वीर्य और इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन जैसी पहलों को दिया है।
Published at : 09 Aug 2026, 10:38 am (IST)