यह मामला महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के आरोपों के बाद सामने आया। राज ठाकरे ने दावा किया था कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये के चढ़ावे का कथित गबन किया जा रहा है।
By : Admin User | Updated at : 08 Aug 2026, 05:41 pm (IST)
मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के आरोपों को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने जांच शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अधिकारियों को मंदिर के पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच करने और जल्द से जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के आरोपों के बाद सामने आया। राज ठाकरे ने दावा किया था कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये के चढ़ावे का कथित गबन किया जा रहा है। उनके आरोपों के बाद मंदिर से जुड़े मामले में नौ कर्मचारियों की गिरफ्तारी की जानकारी भी सामने आई थी। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की थी।
अधिकारियों के मुताबिक, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मुलाकात की। इस दौरान ट्रस्ट की ओर से वर्ष 2023 से 2026 के बीच चढ़ावे से हुई आय का विस्तृत ब्योरा मुख्यमंत्री के सामने रखा गया। जानकारी मिलने के बाद फडणवीस ने अधिकारियों को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जांच के दायरे में मंदिर के पिछले पांच वर्षों के रिकॉर्ड को शामिल करने को कहा है। अधिकारियों से यह पता लगाने को कहा गया है कि चढ़ावे से प्राप्त रकम का हिसाब-किताब सही तरीके से रखा गया या नहीं और किसी स्तर पर वित्तीय अनियमितता हुई है या नहीं। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
राज ठाकरे ने मंदिरों में चढ़ावे और कथित भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपने एक कार्यक्रम में सिद्धिविनायक मंदिर के अलावा अयोध्या के राम मंदिर में भी कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि अगर मंदिरों में भी भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आएंगी, तो इससे लोगों की धार्मिक संस्थाओं के प्रति आस्था प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल सिद्धिविनायक मंदिर से जुड़े आरोपों की जांच के आदेश दिए जा चुके हैं। अब अधिकारियों की जांच और रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चढ़ावे की रकम में वास्तव में कोई हेराफेरी या वित्तीय अनियमितता हुई है या नहीं।
Published at : 08 Aug 2026, 05:41 pm (IST)