अधिकारियों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए बाकी 1,894 लोगों की पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जा रही है। उनके पास मौजूद पासपोर्ट, वीजा, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
By : Admin User | Updated at : 09 Aug 2026, 04:44 pm (IST)
बेंगलुरु के इलेक्ट्रॉनिक सिटी इलाके में अवैध रूप से रह रहे संदिग्ध विदेशी नागरिकों के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान चलाया। ‘ऑपरेशन मुक्ता’ के तहत पुलिस टीमों ने शनिवार तड़के इलेक्ट्रॉनिक सिटी उप-मंडल के 29 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की।
इस दौरान पुलिस ने कुल 1,909 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर उनके दस्तावेजों की जांच शुरू की। शुरुआती सत्यापन में 15 लोगों के बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई है। पुलिस के अनुसार, ये सभी बांग्लादेश के खुलना जिले के बागेरहाट क्षेत्र से संबंधित बताए जा रहे हैं।
पुलिस को संदेह है कि इन लोगों ने कथित तौर पर अवैध तरीके से भारत में प्रवेश किया और इसके बाद बेंगलुरु में रह रहे थे। कार्रवाई के दौरान कुछ फर्जी आधार कार्ड और संदिग्ध दस्तावेज मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
अधिकारियों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए बाकी 1,894 लोगों की पहचान और नागरिकता की पुष्टि की जा रही है। उनके पास मौजूद पासपोर्ट, वीजा, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा कि राज्य में अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए अभियान जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से रहने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर नहीं, बल्कि कानून के तहत की जाएगी।
सरकार के अनुसार, पिछले तीन महीनों में करीब 1,000 संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान की गई है। इलेक्ट्रॉनिक सिटी में हुई ताजा कार्रवाई के बाद अब पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है और संदिग्ध मामलों में आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
Published at : 09 Aug 2026, 04:44 pm (IST)