BREAKING NEWS

ईंधन मालगाड़ी, USBRL से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई का रास्ता हुआ आसान

की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, अमेरिकी सीनेट ने 100% टैरिफ वाला बिल किया पास

संवेदनशील रक्षा जानकारी साझा करने का आरोप; पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच

लागू हुआ एंटी-कनवर्जन कानून, धर्म बदलने से 60 दिन पहले प्रशासन को देनी होगी सूचना

वैश्विक उड़ान, पहली बार समुद्री रास्ते से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई 18 मीट्रिक टन की खेप

होटलों पर FSSAI की जांच, खाने के सैंपल लिए; कई खामियां मिलीं

को भारत का करारा जवाब, अरुणाचल के 27 स्थान आधिकारिक मानचित्र में शामिल

हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी, पूछा- राजधानी के बीचों-बीच पूरे शहर को ‘बंधक’ क्यों बनाया जाए?

चंबा में दर्दनाक बस हादसा, 8 यात्रियों की मौत; 20-25 लोग थे सवार,तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर

ने समझौते पर किए हस्ताक्षर, 'एक पर हमला मतलब सभी पर अटैक'

‘100% Pure-Natural’ दावे वाले प्रोडक्ट्स पर FSSAI के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है

स्कॉर्पियो, पुलिस ने की तीन राउंड फायरिंग; चालक स्कॉर्पियो सड़क किनारे छोड़ मौके से फरार

बीच तीखी बहस, हंगामे के बाद संजीव झा समेत AAP विधायकों को किया गया मार्शल आउट

NTA से जुड़े विषय विशेषज्ञों से शुरू हुआ था लीक; चार्जशीट में पूरे नेटवर्क का जिक्र

युवक की मौत से गुस्साई भीड़ ने बस समेत कई गाड़ियां फूंकीं

टीचर को गोली मारने के बाद खुद को किया शूट; 7 मौतों की खबर

देश में बन सकते हैं 94 लड़ाकू विमान भारत में बड़े पैमाने पर राफेल निर्माण की योजना।

विपरदा गांव के नए कुएं में लगातार उठ रही लहरें,

जीता ग्रैंड चेस टूर रैपिड एंड ब्लिट्ज खिताब; कम उम्र में मिली यह उपलब्धि

में किया अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण, 4000 KM तक मार करने में सक्षम

BREAKING NEWS

ईंधन मालगाड़ी, USBRL से पेट्रोल-डीजल की सप्लाई का रास्ता हुआ आसान

की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, अमेरिकी सीनेट ने 100% टैरिफ वाला बिल किया पास

संवेदनशील रक्षा जानकारी साझा करने का आरोप; पाकिस्तानी कनेक्शन की जांच

लागू हुआ एंटी-कनवर्जन कानून, धर्म बदलने से 60 दिन पहले प्रशासन को देनी होगी सूचना

वैश्विक उड़ान, पहली बार समुद्री रास्ते से ऑस्ट्रेलिया भेजी गई 18 मीट्रिक टन की खेप

होटलों पर FSSAI की जांच, खाने के सैंपल लिए; कई खामियां मिलीं

को भारत का करारा जवाब, अरुणाचल के 27 स्थान आधिकारिक मानचित्र में शामिल

हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी, पूछा- राजधानी के बीचों-बीच पूरे शहर को ‘बंधक’ क्यों बनाया जाए?

चंबा में दर्दनाक बस हादसा, 8 यात्रियों की मौत; 20-25 लोग थे सवार,तीसा-बैरागढ़ मार्ग पर

ने समझौते पर किए हस्ताक्षर, 'एक पर हमला मतलब सभी पर अटैक'

‘100% Pure-Natural’ दावे वाले प्रोडक्ट्स पर FSSAI के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है

स्कॉर्पियो, पुलिस ने की तीन राउंड फायरिंग; चालक स्कॉर्पियो सड़क किनारे छोड़ मौके से फरार

बीच तीखी बहस, हंगामे के बाद संजीव झा समेत AAP विधायकों को किया गया मार्शल आउट

NTA से जुड़े विषय विशेषज्ञों से शुरू हुआ था लीक; चार्जशीट में पूरे नेटवर्क का जिक्र

युवक की मौत से गुस्साई भीड़ ने बस समेत कई गाड़ियां फूंकीं

टीचर को गोली मारने के बाद खुद को किया शूट; 7 मौतों की खबर

देश में बन सकते हैं 94 लड़ाकू विमान भारत में बड़े पैमाने पर राफेल निर्माण की योजना।

विपरदा गांव के नए कुएं में लगातार उठ रही लहरें,

जीता ग्रैंड चेस टूर रैपिड एंड ब्लिट्ज खिताब; कम उम्र में मिली यह उपलब्धि

में किया अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण, 4000 KM तक मार करने में सक्षम

होम / अंतरराष्ट्रीय / रूस से तेल खरीदने पर भारत की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, अमेरिकी सीनेट ने 100% टैरिफ वाला बिल किया पास
रूस से तेल खरीदने पर भारत की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, अमेरिकी सीनेट ने 100% टैरिफ वाला बिल किया पास
जून-जुलाई में भारत ने रूस से बड़े पैमाने पर खरीदा कच्चा तेल, अमेरिकी बिल को प्रतिनिधि सभा की मंजूरी मिलने पर बढ़ सकता है टैरिफ का खतरा।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूसी कच्चे तेल के प्रमुख खरीदारों में उभरा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में भारत ने रूस से प्रतिदिन करीब 27 लाख बैरल कच्चे तेल का आयात किया। जुलाई में यह मात्रा बढ़कर लगभग 28 लाख बैरल प्रतिदिन बताई गई है।

रूस से तेल खरीदने पर भारतकी बढ़ सकती हैं मुश्किलें, अमेरिकी सीनेट ने 100% टैरिफ वाला बिल किया पास

By : Admin User | Updated at : 08 Aug 2026, 02:24 pm (IST)

रूस से बड़े पैमाने पर कच्चा तेल खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों के लिए अमेरिका से नया आर्थिक दबाव सामने आया है। अमेरिकी सीनेट ने रूस से ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने की अनुमति देने वाले एक बिल को मंजूरी दे दी है। बिल के पक्ष में 86 और विरोध में 11 वोट पड़े।

सीनेट से मंजूरी मिलने का मतलब यह नहीं है कि भारत पर तत्काल 100 फीसदी टैरिफ लागू हो गया है। बिल को अभी अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की प्रक्रिया से गुजरना होगा। वहां से भी मंजूरी मिलने और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति को संबंधित देशों के खिलाफ टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। ऐसे में रूस से भारत की तेल खरीद और अमेरिका की नई टैरिफ नीति दोनों देशों की व्यापार वार्ता में महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकती है।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूसी कच्चे तेल के प्रमुख खरीदारों में उभरा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, जून 2026 में भारत ने रूस से प्रतिदिन करीब 27 लाख बैरल कच्चे तेल का आयात किया। जुलाई में यह मात्रा बढ़कर लगभग 28 लाख बैरल प्रतिदिन बताई गई है।

भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ी है। इसका एक प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में रूसी तेल का प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध होना रहा है। भारतीय रिफाइनरियों ने ऊर्जा जरूरतों और लागत को ध्यान में रखते हुए रूस से खरीद बढ़ाई है।

वैश्विक स्तर पर चीन और भारत रूसी ऊर्जा के सबसे महत्वपूर्ण खरीदारों में शामिल हैं। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, रूस के कच्चे तेल निर्यात में चीन की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी और भारत की लगभग 36 फीसदी बताई गई है। इसके बाद तुर्किये और यूरोपीय संघ जैसे खरीदार आते हैं।

प्रस्तावित अमेरिकी कानून का उद्देश्य रूस के ऊर्जा राजस्व को सीमित करना बताया जा रहा है। अमेरिका का तर्क है कि तेल और गैस की बिक्री से रूस को मिलने वाली आय उसकी अर्थव्यवस्था को सहारा देती है और इससे यूक्रेन युद्ध जारी रखने की उसकी क्षमता प्रभावित होती है।

इसी रणनीति के तहत रूसी ऊर्जा खरीदने वाले प्रमुख देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बनाने का प्रस्ताव सामने आया है। बिल में ऊर्जा व्यापार के अलावा रूस से जुड़े अधिकारियों, वित्तीय संस्थानों और अन्य संस्थाओं के खिलाफ अतिरिक्त प्रतिबंधों का भी प्रावधान बताया गया है।

हालांकि 100 फीसदी टैरिफ का प्रावधान अपने आप लागू नहीं होगा। अगर बिल पूरी विधायी प्रक्रिया पार कर कानून बनता है, तो उसके बाद भी टैरिफ लगाने से जुड़ा फैसला अमेरिकी प्रशासन के हाथ में होगा।

भारत के लिए यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चा तेल आयात करता है और रूस हाल के वर्षों में उसके प्रमुख आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है। ऐसे में अमेरिकी नीति में किसी बड़े बदलाव का असर भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के साथ वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।

अब नजर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बिल की आगे की प्रक्रिया और अमेरिकी प्रशासन के रुख पर रहेगी। इसके बाद ही साफ होगा कि प्रस्तावित 100 फीसदी टैरिफ वास्तव में लागू होता है या इसे रूस पर दबाव बनाने के लिए रणनीतिक विकल्प के रूप में रखा जाता है।