सरकार के मुताबिक छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 में कुल चार भाग और 24 धाराएं शामिल हैं। इन प्रावधानों के जरिए गैर-कानूनी तरीके से होने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने और ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का कानूनी ढांचा तैयार किया गया है।
By : Admin User | Updated at : 08 Aug 2026, 01:03 pm (IST)
छत्तीसगढ़ में धर्म परिवर्तन को लेकर नया कानून औपचारिक रूप से लागू हो गया है। राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 के नियमों को आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश में धर्म परिवर्तन से संबंधित नई कानूनी प्रक्रिया प्रभावी हो गई है।
नए कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति अपना धर्म बदलना चाहता है, तो उसे प्रस्तावित धर्म परिवर्तन से कम से कम 60 दिन पहले जिला प्रशासन को इसकी जानकारी देनी होगी। कानून में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया को लेकर कई प्रावधान किए गए हैं, जिनमें संबंधित व्यक्ति की ओर से घोषणा और प्रस्तावित धर्म परिवर्तन की सूचना को सार्वजनिक करना भी शामिल है।
सरकार का कहना है कि इस कानून का मुख्य उद्देश्य जबरन, धोखे, प्रलोभन या दबाव के जरिए कराए जाने वाले अवैध धर्मांतरण पर रोक लगाना है। इसके लिए कानून में शिकायत मिलने के बाद जांच और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है।
नए नियमों में यह भी बताया गया है कि धर्म परिवर्तन से जुड़ी जानकारी प्रशासन को किस तरह दी जाएगी और शिकायतों की जांच अधिकारी किस प्रक्रिया के तहत करेंगे। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
सरकार के मुताबिक छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 में कुल चार भाग और 24 धाराएं शामिल हैं। इन प्रावधानों के जरिए गैर-कानूनी तरीके से होने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने और ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का कानूनी ढांचा तैयार किया गया है।
बताया गया है कि इस अधिनियम की अधिसूचना 4 अगस्त 2026 को राजपत्र में प्रकाशित की गई। इसके बाद कानून और उससे जुड़े नियम प्रदेश में प्रभावी हो गए हैं। अब धर्म परिवर्तन से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।
राज्य सरकार का दावा है कि नए कानून से अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। वहीं, कानून के तहत धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया, प्रशासनिक जांच और शिकायतों के निपटारे के लिए स्पष्ट व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है।
Published at : 08 Aug 2026, 01:03 pm (IST)