शुक्रवार को पौराणिक व परंपरागत धार्मिक प्रक्रिया वैदिक पंच पूजा शुरू हुई। पहले दिन प्रथम पूज्य विध्नहरता भगवान गणेश का आह्वाहन किया गया। श्रृंगार पूजन और देर सायं अभिषेक पूजन व भोग प्रसाद अर्पित करने के बाद विधिविधान से गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
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Updated at : 02 Jul 2026, 05:28 pm (IST)
देहरादून, 21 नवंबर। भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम के कपाट 25 नवंबर को बंद होने से पहले की पंच पूजा आरंभ हो गई है। रावल अमरनाथ नंबूदरी व धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट ने पहले दिन परंमपरागत विधिविधान से धाम में स्थित भगवान गणेश मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने के समय मौजूदगी के पुण्यअर्जन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार को पौराणिक व परंपरागत धार्मिक प्रक्रिया वैदिक पंच पूजा शुरू हुई। पहले दिन प्रथम पूज्य विध्नहरता भगवान गणेश का आह्वाहन किया गया। श्रृंगार पूजन और देर सायं अभिषेक पूजन व भोग प्रसाद अर्पित करने के बाद विधिविधान से गणेश मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। पंच पूजा के दूसरे दिन कल शनिवार 22 नवंबर को आदि केदारेश्वर मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य मंदिर के कपाट भी विधिविधान से बंद कर दिए जाएंगे । कपाट बंद होने से पहले आदि केदारेश्वर भगवान को अन्नकूट भोग लगाया जाएगा। 24 को धाम परिसर में माता लक्ष्मी को कढ़ाई भोग अर्पित कर विशेष पूजन किया जाएगा। इसके बाद 25 नवंबर को दोपहर दो बजकर 56 मिनट पर विधिविधान के साथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
Published at : 21 Nov 2025, 06:42 pm (IST)
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