हालांकि सऊदी अधिकारियों ने आग लगने के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में हूतियों के हमले के दावे और प्लांट में लगी आग के बीच संबंध को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
By : Admin User | Updated at : 09 Aug 2026, 05:35 pm (IST)
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको से जुड़ी एक फैसिलिटी पर ड्रोन हमला करने का दावा किया है। हूतियों के मुताबिक, सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी शहर जिजान में मौजूद अरामको की ऑयल फैसिलिटी को ड्रोन के जरिए निशाना बनाया गया।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने इस कार्रवाई की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि हमला यमन के प्रांतों में सऊदी ड्रोन द्वारा कथित एयरस्पेस उल्लंघन के जवाब में किया गया।
अरामको से जुड़े प्लांट में लगी आग
दूसरी ओर, सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने रविवार तड़के अरामको रिफाइनरी से जुड़े एक प्लांट में आग लगने की पुष्टि की। अधिकारियों के मुताबिक, आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया और घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हालांकि सऊदी अधिकारियों ने आग लगने के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में हूतियों के हमले के दावे और प्लांट में लगी आग के बीच संबंध को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।
मोखा बंदरगाह पर भी हमले की खबर
इस बीच यमन के अधिकारियों ने दावा किया है कि हूतियों ने लाल सागर के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मोखा बंदरगाह की ओर भी मिसाइल और ड्रोन दागे। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
अमेरिका से बातचीत पर ईरान का कड़ा रुख
क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के मुताबिक, मध्यस्थों के जरिए दोनों पक्षों के बीच संपर्क बना हुआ है, लेकिन इसे प्रत्यक्ष बातचीत नहीं कहा जा सकता।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा है कि अमेरिकी प्रतिबंध हटाने और अन्य शर्तों पर प्रगति के बिना स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को दोबारा खोलने पर सहमति नहीं बनेगी। ईरान ने अमेरिका से फ्रीज किए गए फंड जारी करने समेत कई मांगें रखी हैं।
वहीं ईरान और ओमान के बीच एक अंतरिम व्यवस्था पर बातचीत आगे बढ़ने की खबर है, जिसके जरिए जहाजों के लिए वैकल्पिक समुद्री मार्ग उपलब्ध कराने की संभावना पर काम किया जा रहा है।
पेंटागन बढ़ा रहा हथियारों का उत्पादन
दूसरी तरफ अमेरिका ने भी अपनी सैन्य आपूर्ति मजबूत करने की दिशा में कदम तेज किए हैं। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा विभाग हथियारों के उत्पादन और खरीद की गति बढ़ाने पर काम कर रहा है, ताकि सैन्य जरूरतों के लिए पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित की जा सके।
अरामको फैसिलिटी पर हूतियों के ताजा दावे और क्षेत्र में जारी सैन्य गतिविधियों के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में सऊदी अरब और अन्य संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।
Published at : 09 Aug 2026, 05:35 pm (IST)
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