छात्र नेता देवेंद्र महतो लगातार सरकार से लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से बातचीत के दौरान अनशन खत्म करने की अपील भी की गई, लेकिन महतो ने साफ कहा कि जब तक मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन खत्म करने का फैसला नहीं लिया जाएगा।
By : Admin User | Updated at : 09 Aug 2026, 05:24 pm (IST)
रांची: झारखंड में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को भरोसा दिलाया है कि सरकार युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से ले रही है और गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवा छात्र सरकार के लिए बेहद अहम हैं और उन्हें अपनी बात सरकार तक पहुंचानी चाहिए।
सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के तीसरे दौर में कई मांगों पर सहमति बनने की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, झारखंड सरकार JPSC PT परीक्षा रद्द करने के लिए तैयार है। इसके अलावा जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, उनकी जांच CID और ED से कराने पर भी सरकार ने सहमति जताई है। हालांकि, छात्रों की सबसे प्रमुख मांग CBI जांच को लेकर सरकार अभी तैयार नहीं है।
छात्र नेता देवेंद्र महतो लगातार सरकार से लिखित आश्वासन की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से बातचीत के दौरान अनशन खत्म करने की अपील भी की गई, लेकिन महतो ने साफ कहा कि जब तक मांगों को लिखित रूप में स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन खत्म करने का फैसला नहीं लिया जाएगा।
वहीं, छात्रों ने JSSC में कटऑफ और आयु सीमा से जुड़े मुद्दों को भी उठाया है। कुछ अन्य परीक्षाओं को रद्द करने की मांग पर भी सरकार की ओर से अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में बातचीत के बावजूद कई अहम मुद्दों पर गतिरोध बना हुआ है। छात्र पिछले कई दिनों से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल और प्रदर्शन भी जारी है। छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि मेहनत करने वाले युवाओं के साथ अन्याय न हो। छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 10 अगस्त तक उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं दिया गया, तो वे विधानसभा मार्च करेंगे। अब सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली बातचीत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार CBI जांच की मांग पर भी सहमत होगी या फिर JPSC-JSSC आंदोलन और बड़ा रूप लेगा?
Published at : 09 Aug 2026, 05:24 pm (IST)